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यूक्रेन संकट : रूसी सेना की मिसाइलों से दहली राजधानी कीव, हर तरफ तबाही का मंजर, जानें कैसे हालात में रह रहे लोग

न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, कीव। Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 26 Feb 2022 12:49 AM IST

सार

यूक्रेन के खारकीव, मारूपोल, ओडेसा जैसे शहरों में कई इमारतें नष्ट हो चुकी हैं, सड़कें टूट चुकी है। लोग दहशत के माहौल में रह रहे हैं। लोगों ने कीव में सबवे, खंदकों और मेट्रो स्टेशनों में शरण ली है।
यूक्रेन की राजधानी कीव में धमाकों के बाद का मंजर
यूक्रेन की राजधानी कीव में धमाकों के बाद का मंजर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

रूसी सेना की तरफ से लगातार दूसरे दिन भी यूक्रेन पर हमले जारी रहे। रूस की तरफ से दागी गईं 160 से ज्यादा मिसाइलों से राजधानी कीव बुरी तरह से दहल गई। लोग रात भर घरों, सबवे, खंदकों और मेट्रो स्टेशनों में छिपे रहे। इस बीच, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का दावा है कि रूसी सेना राजधानी कीव के बाहर पहुंच गई है। कीव समेत यूक्रेन के कई शहरों में चारों तरफ तबाही का मंजर देखा गया। 
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खारकीव के मुख्य चौराहे पर कई इमारतें नष्ट हो गईं। मारूपोल शहर में सैन्य ठिकाने के आसपास कई भवन नष्ट हो गए और सड़कें टूटफूट गईं। यहां तक कि ओडेसा शहर के तेल केंद्र आग की लपटों में घिरे देखे गए। हर जगह तबाही और सन्नाटा देखा गया। इन शहरों में खाने-पीने से लेकर रोजाना की जरूरी चीजों में भी कमी आ रही है लेकिन लोग सड़कों की तरफ नहीं निकल रहे हैं। 


राष्ट्रपति जेलेंस्की को अगले 96 घंटों में कीव पर रूसी कब्जा होने की आशंका है। उन्होंने कहा, रूसी सेनाएं रिहाइशी क्षेत्रों को निशाना बना रही हैं। लोगों ने मिसाइल हमलों के चलते मेट्रो स्टेशनों में शरण ली है। रूस द्वारा 160 से ज्यादा मिसाइलें दागने के बाद राष्ट्रपति ने देश में अपने 10,000 लोगों के हाथों में राइफल थमाने के आदेश दिए हैं। 

उन्होंने नागरिकों से प्रदर्शन की अपील भी की। उधर, रूस ने यूक्रेन में 11 हवाई पट्टियों समेत 70 से ज्यादा सैन्य ठिकाने नष्ट करने का दावा किया है। इसके चलते यूक्रेन से लोगों का बड़ी संख्या में पलायन भी शुरू हो गया है। इस कोशिश में राजमार्गों पर लंबा जाम लगा रहा।

400 भारतीय छात्रों ने तहखाने में ली पनाह, मदद मांगी
यूक्रेन में रूसी सीमा से लगते सूमी शहर पर रूसी सैनिकों के कब्जे के बाद कम से कम 400 भारतीय छात्रों ने एक तहखाने में शरण ली है। उन्होंने भारत सरकार से उन्हें निकालने की अपील की है। इनमें अधिकतर सूमी स्टेट मेडिकल कॉलेज के छात्र हैं। उन्होंने कहा कि बाहर गोलियों की आवाजें सुनाई देने के कारण उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही है।

छात्र ललित कुमार ने कहा, इस वक्त हम अपने छात्रावास के तहखाने में छिपे हुए हैं और हमें नहीं पता कि यहां हम कब तक सुरक्षित रह पाएंगे। उन्होंने कहा, अपने आप यात्रा करना संभव नहीं है, क्योंकि यहां मार्शल लॉ लागू है। इसका अर्थ  है कि क्षेत्र में कोई बाहर नहीं जा सकता, कार, बस और निजी वाहन भी नहीं निकल सकते। एटीएम और सुपर मार्केट भी बंद हैं। छात्रों ने उस तहखाने का वीडियो भी साझा किया जहां वे छिपे हुए हैं। कुमार ने कहा, हमारे पास यहां ज्यादा सामान नहीं है कि हम लंबे समय तक यहां नहीं टिक पाएंगे। हम अपने देश लौटना चाहते हैं और अपने लोगों से मिलना चाहते हैं, हमारी मदद कीजिए। 

लड़ाई के लिए हमें अकेला छोड़ा : जेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक वीडियो संबोधन में कहा कि आज हमने अपने 137 हीरो, अपने नागरिकों को खो दिया है, जबकि 316 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने इस युद्ध में किसी का साथ न मिलने पर अफसोस जताते हुए कहा कि उनके देश को रूस से लड़ने के लिए छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा, हमारे साथ लड़ने के लिए कौन खड़ा है? मुझे कोई नहीं दिख रहा। यूक्रेन को नाटो सदस्यता की गारंटी देने के लिए कौन तैयार है? हर कोई डरता है। जेलेंस्की ने इस वीडियो संदेश में राजधानी कीव में रहने वाले नागरिकों को भी सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने सभी से कर्फ्यू का पालन करने को कहा है।

यूक्रेन को अमेरिका देगा 60 करोड़ डॉलर के घातक हथियार
रूस-यूक्रेन में जारी युद्ध में अमेरिका ने भले ही यूक्रेन में अपनी सेना नहीं उतारने का कहकर हाथ खींचे हैं लेकिन वह परोक्ष रूप से उसकी पूरी मदद कर रहा है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने कहा, अमेरिकी सांसद यूक्रेन को इस लड़ाई के लिए 60 लाख डॉलर के घातक रक्षा हथियार प्रदान करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, हम यूक्रेन के साथ जो कर रहे हैं, वो सुनिश्चित कर रहा है कि लोगों की मदद के लिए हमारे पास मानवीय सहायता है।

यूक्रेन के बाद ताइवान में भी उठी सुरक्षा को लेकर चिंताएं : रिपोर्ट
यूक्रेन पर रूसी हमले ने एक और जगह पर दुनिया का ध्यान खींचा है। यह जगह है ताइवान, जिसकी संप्रभुता पर चीन पहले से निगाह गढ़ाए बैठा है। कुछ विश्लेषकों ने स्व-शासित ताइवान पर अपने नियंत्रण का दावा करने के लिए चीनी धमकियों की यूक्रेन हमलों से तुलना की है। विश्लेषकों को डर है कि चीन भी रूस के समान ताइवान पर हमले को लेकर विचार कर सकता है।

बता दें कि चीन पहले से ही ताइवान में सैन्य अभियान चलाने की धमकियां देता रहा है। यहां लोकतंत्र की आजादी की तरफ रुझान रखने वाली राष्ट्रपति साइ इंग-वे के 2016 में पदभार ग्रहण करने के बाद से चीन का ताइवान पर ध्यान गया है।

अंतरराष्ट्रीय मामलों के संस्थान और तमकांग में रणनीतिक अध्ययन के प्रोफेसर काओ-चेंग वांग ने कहा कि अमेरिका शायद ताइवान को ज्यादा महत्व देता है इसलिए हमें देखना होगा कि यह संघर्ष कैसा होगा। ताइवान की सत्तारूढ़ पार्टी के सांसद वांग टिंग-यू ने कहा, मौजूदा हालात में हम किनारे पर नहीं बैठ सकते। सिंगापुर के नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के चीनी विशेषज्ञ ली मिंजियांग ने कहा कि फिलहाल ताइवान पर सैन्य कार्रवाई की संभावना नहीं है। 

ताइवान का दावा, हमारे रक्षा क्षेत्र में घुसे चीन के 9 लड़ाकू विमान
रूस-यूक्रेन तनाव के बीच चीन ने भी ताइवान को अपना हिस्सा बताकर एक पुराने विवाद को फिर हवा दी है। ताइवान ने दावा किया है कि चीन के 9 लड़ाकू विमानों ने ताइवान उसके हवाई रक्षा क्षेत्र में घुसपैठ की है। चीन के लड़ाकू विमान पहले भी कई बार ताइवान के एयर डिफेंस जोन में घुसपैठ करते रहे हैं। गत वर्ष नवंबर में चीन के 27 लड़ाकू विमानों ने ताइवान के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की थी।

यूएनएससी में निंदा प्रस्ताव, आज तड़के मतदान, दोनेस्क-लुहांस्क को अलग-अलग स्वतंत्र क्षेत्र बनाने की भी निंदा
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद अमेरिका और अल्बानिया द्वारा पेश किए गए मसौदा प्रस्ताव पर मतदान करेगी, जिसमें रूसी आक्रामकता, हमला और यूक्रेनी संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा शामिल है। यह एक ऐसा कदम है जो स्थायी और वीटो अधिकार प्राप्त सदस्य देश रूस को अलग-थलग करने की कोशिश करेगा। मसौदे में रूसी बल को यूक्रेन से बिना शर्त तुरंत वापस लेने के लिए कहा गया है।

इस प्रस्ताव पर भारतीय समयानुसार शनिवार तड़के मतदान होगा। प्रस्ताव में यूक्रेन की संप्रभुता, स्वतंत्रता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता को लेकर प्रतिबद्धता जताई गई और रूसी हमले को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का उल्लंघन बताया गया।

रूस ने फेसबुक पर लगाया आंशिक प्रतिबंध, फेसबुक ने कही यह बात
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक ने हाल ही में यूक्रेन पर रूस की सैन्य कार्रवाई के मद्देनजर क्रेमलिन समर्थित मीडिया पर रोक लगा दी थी। अब रूस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फेसबुक पर आंशिक प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। अब इस पर फेसबुक की ओर से बयान सामने आया है। फेसबुक का कहना है कि रूस ने तथ्य-जांचकर्ताओं को रोकने से इनकार करने के बाद उसे दंडित किया।
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